Wednesday, 8 June 2016

दैनिक पंचांग : दिनांक 09/06/2016 गुरुवार,
विक्रम संवत् : 2073, संवत्सर : कीलक; माह : ज्येष्ठ; पक्ष : शुक्ल; तिथि : पंचमी 23:10 तक तदुपरान्त षष्ठी; नक्षत्र : पुष्य 07:30 तक तदुपरान्त अश्लेषा; योग : ध्रुव 05:23 तक तदुपरान्त व्याघात 28:12; करण : बव 11:17 तक तदुपरान्त बालव 23:10; सूर्योदय (दिल्ली में) 05:27 बजे, सूर्यास्त (दिल्ली में) 19:13 बजे।

व्रत-पर्व : महादेव विवाह (ओडिशा) श्रुति पंचमी (जैन धर्म), गुरुपुष्य योग सूर्योदय से 07:30 तक, अमृतसिद्धियोग सूर्योदय से 07:30 तक, रवियोग 07:30 तक सर्वार्थसिद्धियोग सूर्योदय से 07:30 तक।

ग्रह-स्थिति (05:30 बजे) : सूर्य : वृषभ; चन्द्रमा : कर्क; मंगल : वृश्चिक; बुध : वृषभ; गुरु : सिंह; शुक्र : वृषभ; शनि : वृश्चिक; राहु : सिंह; केतु : कुम्भ।

राहुकाल : 13:30 से 15:00 बजे।

दिशाशूल : आग्नेय, दक्षिण।

शिववास : कैलास 23:10 तक तदुपरान्त वृषारुढ।

Friday, 1 April 2016

दैनिक पंचांग : दिनांक 02/04/2016 शनिवार,

विक्रम संवत् : 2072, संवत्सर : कीलक; माह : चैत्र; पक्ष : कृष्ण; तिथि : नवमी 08:34 तक तदुपरान्त दशमी; नक्षत्र : उ.षा.14:26 तक तदुपरान्त श्रवण; योग : शिव 10:36 तक तदुपरान्त सिद्ध; करण : गर 08:34 तक तदुपरान्त वणिज 20:07; सूर्योदय (दिल्ली में) 06:14 बजे, सूर्यास्त (दिल्ली में) 18:34 बजे।
 
व्रत-पर्व : भद्रा 20:07 से (निवास : पाताल), सर्वार्थसिद्धियोग 14:26 से आगामी सूर्योदय तक, बुध उदय स्थानभेदानुसार, बुध मेष राशि एवम अश्विनी नक्षत्र में 27:45 बजे।
 
ग्रह-स्थिति (05:30 बजे) : सूर्य : मीन; चन्द्रमा : मकर; मंगल : वृश्चिक; बुध : मीन; गुरु : सिंह; शुक्र : मीन; शनि : वृश्चिक; राहु : सिंह; केतु : कुम्भ।
 
राहुकाल : 09:00 से 10:30 बजे।
 
दिशाशूल : पूर्व, ईशान।

शिववास : सभा (08:34) तक तदुपरान्त क्रीडा।

Tuesday, 29 March 2016

दैनिक पंचांग : दिनांक 30/03/2016 बुधवार, विक्रम संवत् : 2072, संवत्सर : कीलक; माह : चैत्र; पक्ष : कृष्ण; तिथि : षष्ठी 07:22 तक तदुपरान्त सप्तमी; नक्षत्र : ज्येष्ठा 11:49 तक तदुपरान्त मूल; योग : व्यतीपात 13:12 तक तदुपरान्त वरियान; करण : वणिज 07:22 तक तदुपरान्त विष्टि 20:00; सूर्योदय (दिल्ली में) 06:17 बजे, सूर्यास्त (दिल्ली में) 18:32 बजे।

व्रत-पर्व : भद्रा 07:22 से 20:00 तक (निवास : 11:49 तक स्वर्ग तदुपरान्त पाताल), षष्ठी तिथि वृद्धि, रवियोग 11:49 तक।

ग्रह-स्थिति (05:30 बजे) :
सूर्य : मीन; चन्द्रमा : वृश्चिक में (11:49 बजे) तक तदुपरान्त धनु; मंगल : वृश्चिक; बुध :  मीन; गुरु : सिंह; शुक्र : कुम्भ; शनि : वृश्चिक; राहु : सिंह; केतु : कुम्भ।

राहुकाल : 12:00 से 13:30 बजे।

दिशाशूल :  ईशान, उत्तर।

शिववास : ज्ञानवेला (07:22 तक) तदुपरान्त श्मशान।

Saturday, 26 March 2016

दैनिक पंचांग : दिनांक 27/03/2016 रविवार, विक्रम संवत् : 2072, संवत्सर : कीलक; माह : चैत्र; पक्ष : कृष्ण; तिथि : चतुर्थी 27:34 तक तदुपरान्त पंचमी; नक्षत्र : विशाखा  तक तदुपरान्त विशाखा; योग : हर्षण 11:46 तक तदुपरान्त वज्र; करण : बव 14:23 तक तदुपरान्त बालव 27:34; सूर्योदय (दिल्ली में) 06:20 बजे, सूर्यास्त (दिल्ली में) 18:30 बजे।

व्रत-पर्व : चतुर्थी व्रत, ईस्टर सनडे, बुध रेवती में 14:19 बजे।

ग्रह-स्थिति (05:30 बजे) : सूर्य : मीन; चन्द्रमा : तुला में (24:23 बजे) तक तदुपरान्त वृश्चिक; मंगल : वृश्चिक; बुध :  मीन; गुरु : सिंह; शुक्र : कुम्भ; शनि : वृश्चिक; राहु : सिंह; केतु : कुम्भ।

राहुकाल : 16:30 से 18:00 बजे।

दिशाशूल : नैर्ऋत्‍य, पश्‍चिम।

शिववास : कैलास (27:34) तक तदुपरान्त वृषारूढ।

Saturday, 19 March 2016

Holi 2016 Muhurta

होलिका दहन 23 मार्च, 2016 को प्रदोषकाल में


इस बार फाल्‍गुन पूर्णिमा 22 मार्च, 2016 (मंगलवार) को 15:13 बजे से आरम्‍भ हो रही है और दूसरे दिन 23 मार्च, 2016 (बुधवार) को 17:31 बजे तक है। जहॉं तक भद्रा का प्रश्‍न है, तो वह 22 मार्च को 15:13 से 28:20 तक रहेगी अर्थात् अर्धरात्रि के पश्‍चात् भद्रा समाप्‍त होगी। ऐसी स्थिति में पूर्णिमा प्रदोष व्‍यापिनी केवल 22 मार्च को है, परन्‍तु दूसरे दिन पूर्णिमा साढ़ेतीन प्रहर से अधिक है। ऐसी स्थिति में होलिका दहन के  तीन विकल्‍प सामने आते हैं :

विकल्‍प 1 : भद्रा के उपरान्‍त होलिका दहन अर्थात् 22 मार्च को 28:20 के पश्‍चात् होलिका दहन

विकल्‍प 2 : भद्रामुख को छोड़कर 22 मार्च को प्रदोषकाल में ही होलिका दहन।
तीसरे विकल्‍प पर जाने से पूर्व उक्‍त विकल्‍पों की इस बार की परिस्थिति में लागू किए जाने अथवा न किए जाने की शास्‍त्रीय व्‍यवस्‍था का अवलोकन करना चाहेंगे। इस बार की परिस्थिति में उक्‍त दोनों ही विकल्‍प मान्‍य नहीं हैं, इस सम्‍बन्‍ध में शास्‍त्रीय व्‍यवस्‍था निम्‍नानुसार है :

1. भविष्‍योत्तर पुराण का स्‍पष्‍ट निर्देश है कि यदि भद्रा अर्धरात्रि के पश्‍चात् समाप्‍त होती है और दूसरे तीन पूर्णिमा साढ़ेतीन प्रहर या उससे अधिक है, तो दूसरे दिन होलिका दहन किया जाता है :

सार्धयामत्रयं वा स्‍यात् द्वितीये दिवसे यदा।
प्रतिपद् वर्धमाना तु तदा सा होलिका स्‍मृता।।

 
इस प्रकार इस बार की विशेष परिस्थिति में भविष्‍योत्तर पुराणोक्‍त उक्‍त नियम लागू होना चाहिए।
2. चूंकि भद्रा अर्धरात्रि के पश्‍चात् समाप्‍त हो रही है, तो ऐसी स्थिति में विकल्‍प एक अमान्‍य है, क्‍योंकि उस परिस्थिति के लिए धर्मसिन्‍धु का स्‍पष्‍ट निर्णय है कि :

निशीथोत्तरं भद्रासमाप्‍तौ भद्रामुखंत्‍यक्‍त्‍वा भद्रायामेव।
अर्थात् अर्धरात्रि के पश्‍चात् भद्रा समाप्ति की स्थिति में भद्रामुख को छोड़क र भद्रा में ही होलिका दहन किया जाता है।

3. विकल्‍प दो अर्थात् भद्रामुख को छोड़कर भद्रा में ही होलिका दहन पूर्वोक्‍त भविष्‍योत्तर पुराण की व्‍यवस्‍था से अमान्‍य होता है।

विकल्‍प 3 : अब विकल्‍प तीन पर आते हैं, जो कि भविष्‍योत्तर पुराण पर आधारित है। इसके अनुसार होलिका दहन 23 मार्च 2016 को किया जाना चाहिए। अब प्रश्‍न उठता है कि 23 मार्च को होलिका दहन कब किया जाए? इस सम्‍बन्‍ध में शास्‍त्रीय व्‍यवस्‍था है कि प्रदोषकाल में होलिका दहन किया जाए, परन्‍तु इस पर एक शंका यह हो सकती है कि 23 मार्च को प्रदोषकाल में पूर्णिमा न होकर प्रतिपदा होगी और नारद के निम्‍नलिखित वचन में प्रतिपदा को होलिका दहन का निषेध कहा गया है :

प्रतिपद्भूतभद्रासु यार्चिता होलिका दिवा।
संवत्‍सरं च तद्राष्‍ट्रं पुरं दहति सा द्रुतम्।।

 
इसलिए कतिपय विद्वान् पूर्णिमा के अन्तिम भाग 17:00  से 17:31  के मध्‍य होलिका दहन का विकल्‍प प्रस्‍तुत करते हैं और कहते हैं कि इससे नारद के उक्‍त वचन की पूर्णतः पालना है, परन्‍तु संवत् 2072 जैसी विशेष परिस्थितियों के लिए स्‍मृतिकौस्‍तुभ एवं जयसिंहकल्‍पद्रुम आदि निबन्‍ध ग्रन्‍थों में स्‍पष्‍ट व्‍यवस्‍था दी गई है कि यदि भद्रा अर्धरात्रि के पश्‍चात् समाप्‍त होती है और दूसरे दिन पूर्णिमा साढ़ेतीन प्रहर या उससे अधिक है, तो दूसरे दिन प्रदोषकाल में प्रतिपदा में ही होलिका दहन किया जाना चाहिए :
परदिने प्रदोषस्‍पर्शभावे पूर्वदिने प्रदोषे भद्रासत्त्‍वे तु यदि पौर्णमासी परदिने सार्धयामा ततोऽधिका वा तत्‍परदिने प्रतिपच्‍च  वृद्धिगामिनी तदा पूर्वदिनं परित्‍यज्‍य परदिने प्रदोषव्‍यापिन्‍यां प्रतिपद्येव होलिका पूज्‍या। (स्‍मृतिकौस्‍तुभ, पृष्‍ठ 517)

यदा त्‍वस्मिन्‍नेव दिनविषये उत्तरपौर्णमासी सार्धयामत्रयमिता ततोऽधिका वा प्रतिपच्‍चोत्तरदिने वृद्धिगामिनी तदा पौर्णमस्‍युत्‍तरप्रतिपत्‍प्रदोष एव होलिकादीपनं कार्ये न तु पूर्वरात्रौ विष्टिपुच्‍छे। (जयसिंहकल्‍पद्रुम, पृष्‍ठ 722)

उक्‍त प्रमाण वाक्‍यों से पहले दो विकल्‍प भी अमान्‍य हो रहे हैं। इस प्रकार निष्‍कर्ष रूप में इस बार की होलिका दहन की शास्‍त्रीय व्‍यवस्‍था यही है कि होलिका दहन 23 मार्च, 2016 बुधवार को प्रदोषकाल में किया जाना चाहिए।

Thursday, 8 October 2015

दैनिक पंचांग : दिनांक 09/10/2015 शुक्रवार, 
विक्रम संवत् : 2072, संवत्सर : कीलक; माह : आश्विन; पक्ष : कृष्ण; तिथि : द्वादशी 21:39 तक तदुपरान्त त्रयोदशी; नक्षत्र : मघा 16:19 तक तदुपरान्त पू.फा.; योग : शुभ 19:16 तक तदुपरान्त शुक्ल; करण : कौलव  08:24 तक तदुपरान्त तैतिल 21:39; सूर्योदय (दिल्ली में) 06:22 बजे, सूर्यास्त (दिल्ली में) 17:56 बजे।

व्रत-पर्व : द्वादशी का श्राद्ध, मघा का श्राद्ध,सन्यासियो का श्राद्ध, गुरु रामदास जयन्ती (सिख धर्म, नवीनतम से), सर्वार्थसिद्धियोग 16:19 से आगामी सूर्योदय तक, राजयोग 16:19 से 21:39 तक, बुध मार्गी 20:29 बजे।

ग्रह-स्थिति (05:30 बजे) : सूर्य : कन्या; चन्द्रमा : सिंह; मंगल : सिंह; बुध : कन्या; गुरु : सिंह; शुक्र : सिंह; शनि : वृश्चिक; राहु : कन्या; केतु : मीन।

राहुकाल : 10:30 से 12:00 बजे।

दिशाशूल : नैर्ऋत्‍य, पश्‍चिम।

शिववास : वृषारूढ (21:39 तक) तदुपरान्त ज्ञानवेला।

Wednesday, 7 October 2015

 दैनिक पंचांग : दिनांक 08/10/2015 गुरुवार,
 विक्रम संवत् : 2072, संवत्सर : कीलक; माह : आश्विन; पक्ष : कृष्ण; तिथि : एकादशी 19:14 तक तदुपरान्त द्वादशी; नक्षत्र : अश्लेषा 13:27 तक तदुपरान्त मघा; योग : साध्य 18:26 तक तदुपरान्त शुभ; करण : बव 06:08 तक तदुपरान्त बालव 19:14; सूर्योदय (दिल्ली में) 06:22 बजे, सूर्यास्त (दिल्ली में) 17:57 बजे।

व्रत-पर्व : एकादशी का श्राद्ध, इन्दिरा एकादशी व्रत।

ग्रह-स्थिति (05:30 बजे) : सूर्य : कन्या; चन्द्रमा : कर्क में (13:27 बजे) तक तदुपरान्त सिंह; मंगल : सिंह; बुध : कन्या; गुरु : सिंह; शुक्र : सिंह; शनि : वृश्चिक; राहु : कन्या; केतु : मीन।

राहुकाल : 13:30 से 15:00 बजे।

दिशाशूल : आग्नेय, दक्षिण।

शिववास : कैलास (19:14) तक तदुपरान्त वृषारूढ।